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गुजरात के डायरो कार्यक्रम में भजन गायक पर हुई नोटों की बारिश, वायरल वीडियो देख लोग रह गए हैरान

Gujarat Bhajan Singer Viral Video

Gujarat Bhajan Singer Viral Video

गुजरात में आयोजित एक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस कार्यक्रम में एक भजन गायक पर श्रद्धालुओं ने इतनी बड़ी मात्रा में नोटों की बारिश कर दी कि पूरा मंच नकदी से भर गया। वायरल वीडियो में गायक को लगभग नोटों के ढेर के नीचे दबा हुआ देखा जा सकता है। यह Gujarat Bhajan Singer Viral Video इंटरनेट पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है।

यह घटना गुजरात के जूनागढ़ जिले में आयोजित एक पारंपरिक “डायरो” कार्यक्रम की बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान भक्त बड़ी-बड़ी थैलियों और बोरियों में नकदी लेकर पहुंचे और लाइव परफॉर्मेंस के बीच मंच पर पैसे उड़ाने लगे।

कौन हैं भजन गायक?

वायरल वीडियो में नजर आ रहे कलाकार को कई रिपोर्ट्स में गुजरात के प्रसिद्ध लोक और भजन गायक “कविराज जिग्नेश” बताया गया है। कार्यक्रम के दौरान गायक लगातार भजन और लोकगीत गाते रहे, जबकि उनके आसपास नोटों का ढेर बढ़ता गया। यही वजह है कि Gujarat Bhajan Singer Viral Video सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स इसे श्रद्धालुओं की भक्ति और उदारता बता रहे हैं, जबकि कई लोगों ने मंच पर इस तरह खुलेआम पैसे उड़ाने पर सवाल भी उठाए।

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा कि उन्होंने पहली बार किसी कलाकार को “नोटों में दबा” देखा है। वहीं कुछ लोगों ने इसे गुजरात की पारंपरिक लोक संस्कृति और डायरो आयोजनों की खास पहचान बताया।

आखिर क्या होता है डायरो कार्यक्रम?

डायरो गुजरात की पारंपरिक लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुति होती है, जिसमें लोकगायक भजन, लोकगीत और सामाजिक संदेशों से जुड़ी प्रस्तुतियां देते हैं। ऐसे कार्यक्रमों में लोग कलाकारों को सम्मान और श्रद्धा के रूप में नकद राशि भेंट करते हैं।

हालांकि, इस बार जिस स्तर पर पैसे बरसाए गए, उसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कई लोग इस घटना को Gujarat Bhajan Singer Viral Video के नाम से शेयर कर रहे हैं।

आयोजकों ने क्या कहा?

रिपोर्ट्स के अनुसार, आयोजकों ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में एकत्र हुई राशि का इस्तेमाल सामाजिक और धार्मिक कार्यों में किया जाएगा। कुछ हिस्सा आयोजन खर्चों में भी लगाया जाएगा। आयोजकों ने कहा कि यह सब श्रद्धालुओं की आस्था और प्रेम का प्रतीक था।